Contemporary · 1947–1996 · डेरा ग़ाज़ी ख़ान – लाहौर
डेरा ग़ाज़ी ख़ान के मोहसिन नक़वी ने चमकती, ज़ख़्मी तस्वीरों वाली ग़ज़ल लिखी और साथ ही अहल-ए-बैत पर जदीद उर्दू की सबसे असरदार अक़ीदत की शायरी। मुशायरों में बेहद मक़बूल रहे। 1996 में लाहौर में उनका क़त्ल हुआ; उनकी मौत ने उस नौहे को हमेशा के लिए उनके कलाम का रंग बना दिया।
कोई शाइर नहीं मिला।