Classical · 1797–1869
मुग़ल काल के अंतिम दौर के महान उर्दू और फ़ारसी शायर, अपनी ग़ज़लों के लिए विख्यात।
और पढ़ेंClassical · 1877–1938
कवि-दार्शनिक, जिनकी उर्दू और फ़ारसी शायरी ने आध्यात्म को आत्म-बोध की दृष्टि से जोड़ा।
और पढ़ेंProgressive · 1911–1984
बीसवीं सदी के सबसे बड़े तरक़्क़ीपसंद उर्दू शायर, जिनकी शायरी में इश्क़ और इंक़लाब एक साथ चलते हैं।
और पढ़ेंProgressive · 1931–2008
जदीद उर्दू ग़ज़ल के उस्ताद, जिनकी रूमानी और बाग़ी शायरी ने उन्हें अपने दौर का सबसे ज़्यादा पढ़ा जाने वाला शायर बनाया।
और पढ़ेंContemporary · 1931–2002
अमरोहा और कराची के बाग़ी शायर, अपनी मायूस शोख़ी और गुफ़्तगू-जैसी ग़ज़लों के लिए महबूब।
और पढ़ेंClassical · 1253–1325
उर्दू/हिन्दवी कविता के जनक — तेरहवीं सदी के बहुश्रुत कवि जिन्होंने फ़ारसी और दिल्ली की बोली को गीत में पिरोया।
और पढ़ेंModern · 1890–1960
रूमानी ग़ज़ल के उस्ताद, जिनकी मुशायरों की अदायगी ने उन्हें जीवनकाल में ही दंतकथा बना दिया।
और पढ़ेंContemporary
शहरी भोर की एक काल्पनिक समकालीन शायरा — स्मृति और प्रवास पर मूल मीरास कलाम।
और पढ़ेंClassical · 1723–1810
अठारहवीं सदी के अग्रणी उर्दू शायर, जिन्हें "ख़ुदा-ए-सुख़न" कहा जाता है।
और पढ़ेंContemporary · 1952–1994
जदीद उर्दू ग़ज़ल की अग्रणी स्त्री-आवाज़, जिन्होंने मोहब्बत और औरत के मन को बेबाकी से लिखा।
और पढ़ेंContemporary
शायर, गीतकार और फ़िल्मकार, जिनकी सादा मगर तस्वीरों से भरी शायरी अदबी उर्दू और लोकप्रिय गीत के बीच पुल है।
और पढ़ेंContemporary
मशहूर अख़्तर ख़ानदान के शायर और गीतकार, अपनी साफ़, अक़्लपसंद शायरी और महबूब फ़िल्मी गीतों के लिए जाने जाते हैं।
और पढ़ेंProgressive · 1921–1980
तरक़्क़ीपसंद शायर, जिनकी तल्ख़ रूमानियत और समाजी ज़मीर ने नज़्म और हिंदी फ़िल्मी गीत दोनों को नया रूप दिया।
और पढ़ेंClassical · 1789–1854
अंतिम मुग़ल दरबार के राजकवि और बहादुर शाह ज़फ़र के उस्ताद।
और पढ़ेंProgressive · 1919–2002
मिजवां के तरक़्क़ीपसंद शायर, जिन्होंने बेज़मीनों की जद्दोजहद को ग़ज़ल, नज़्म और फ़िल्म तक पहुँचाया।
और पढ़ेंModern · 1896–1982
इलाहाबाद के प्रोफ़ेसर-शायर, जिन्होंने उर्दू ग़ज़ल को अपनी अलग, हिंदुस्तानी और ऐंद्रिक रंगत दी।
और पढ़ेंClassical · 1800–1851
दिल्ली के ग़ज़ल शायर, अपनी अंतरंग और रूमानी शायरी के लिए प्रसिद्ध।
और पढ़ेंContemporary · 1938–2016
दोहों और ग़ज़लों के शायर, जिनकी ज़बान बोलती हुई हिंदुस्तानी है — नर्म, सेक्युलर और चुपके से बाग़ी।
और पढ़ेंProgressive · 1928–1993
पाकिस्तान के अवामी शायर, जिनकी आमरियत-विरोधी नज़्में सड़कों पर नारों की तरह गूँजीं।
और पढ़ेंClassical · 1721–1785
सूफ़ी संत और अठारहवीं सदी की उर्दू ग़ज़ल के तीन स्तंभों में से एक।
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