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मीरास

उर्दू और हिन्दी शायरी का जीवंत संग्रह — मुफ़्त, खुला, तीन लिपियों में।

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© 2026 मीरास · एक खुला संग्रह
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शाइर

सभीशास्त्रीयआधुनिकप्रगतिशीलसमकालीन
म

मिर्ज़ा ग़ालिब

Classical · 1797–1869

मुग़ल काल के अंतिम दौर के महान उर्दू और फ़ारसी शायर, अपनी ग़ज़लों के लिए विख्यात।

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अ

अल्लामा इक़बाल

Classical · 1877–1938

कवि-दार्शनिक, जिनकी उर्दू और फ़ारसी शायरी ने आध्यात्म को आत्म-बोध की दृष्टि से जोड़ा।

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फ

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

Progressive · 1911–1984

बीसवीं सदी के सबसे बड़े तरक़्क़ीपसंद उर्दू शायर, जिनकी शायरी में इश्क़ और इंक़लाब एक साथ चलते हैं।

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अ

अहमद फ़राज़

Progressive · 1931–2008

जदीद उर्दू ग़ज़ल के उस्ताद, जिनकी रूमानी और बाग़ी शायरी ने उन्हें अपने दौर का सबसे ज़्यादा पढ़ा जाने वाला शायर बनाया।

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ज

जौन एलिया

Contemporary · 1931–2002

अमरोहा और कराची के बाग़ी शायर, अपनी मायूस शोख़ी और गुफ़्तगू-जैसी ग़ज़लों के लिए महबूब।

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अ

अमीर ख़ुसरो

Classical · 1253–1325

उर्दू/हिन्दवी कविता के जनक — तेरहवीं सदी के बहुश्रुत कवि जिन्होंने फ़ारसी और दिल्ली की बोली को गीत में पिरोया।

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ज

जिगर मुरादाबादी

Modern · 1890–1960

रूमानी ग़ज़ल के उस्ताद, जिनकी मुशायरों की अदायगी ने उन्हें जीवनकाल में ही दंतकथा बना दिया।

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न

नूर जहाँ सहर

Contemporary

शहरी भोर की एक काल्पनिक समकालीन शायरा — स्मृति और प्रवास पर मूल मीरास कलाम।

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म

मीर तक़ी मीर

Classical · 1723–1810

अठारहवीं सदी के अग्रणी उर्दू शायर, जिन्हें "ख़ुदा-ए-सुख़न" कहा जाता है।

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प

परवीन शाकिर

Contemporary · 1952–1994

जदीद उर्दू ग़ज़ल की अग्रणी स्त्री-आवाज़, जिन्होंने मोहब्बत और औरत के मन को बेबाकी से लिखा।

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ग

गुलज़ार

Contemporary

शायर, गीतकार और फ़िल्मकार, जिनकी सादा मगर तस्वीरों से भरी शायरी अदबी उर्दू और लोकप्रिय गीत के बीच पुल है।

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ज

जावेद अख़्तर

Contemporary

मशहूर अख़्तर ख़ानदान के शायर और गीतकार, अपनी साफ़, अक़्लपसंद शायरी और महबूब फ़िल्मी गीतों के लिए जाने जाते हैं।

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स

साहिर लुधियानवी

Progressive · 1921–1980

तरक़्क़ीपसंद शायर, जिनकी तल्ख़ रूमानियत और समाजी ज़मीर ने नज़्म और हिंदी फ़िल्मी गीत दोनों को नया रूप दिया।

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श

शेख़ इब्राहीम ज़ौक़

Classical · 1789–1854

अंतिम मुग़ल दरबार के राजकवि और बहादुर शाह ज़फ़र के उस्ताद।

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क

कैफ़ी आज़मी

Progressive · 1919–2002

मिजवां के तरक़्क़ीपसंद शायर, जिन्होंने बेज़मीनों की जद्दोजहद को ग़ज़ल, नज़्म और फ़िल्म तक पहुँचाया।

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फ

फ़िराक़ गोरखपुरी

Modern · 1896–1982

इलाहाबाद के प्रोफ़ेसर-शायर, जिन्होंने उर्दू ग़ज़ल को अपनी अलग, हिंदुस्तानी और ऐंद्रिक रंगत दी।

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म

मोमिन ख़ान मोमिन

Classical · 1800–1851

दिल्ली के ग़ज़ल शायर, अपनी अंतरंग और रूमानी शायरी के लिए प्रसिद्ध।

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न

निदा फ़ाज़ली

Contemporary · 1938–2016

दोहों और ग़ज़लों के शायर, जिनकी ज़बान बोलती हुई हिंदुस्तानी है — नर्म, सेक्युलर और चुपके से बाग़ी।

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ह

हबीब जालिब

Progressive · 1928–1993

पाकिस्तान के अवामी शायर, जिनकी आमरियत-विरोधी नज़्में सड़कों पर नारों की तरह गूँजीं।

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ख

ख़्वाजा मीर दर्द

Classical · 1721–1785

सूफ़ी संत और अठारहवीं सदी की उर्दू ग़ज़ल के तीन स्तंभों में से एक।

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