मीरासमीरास
PoetsSherGhazalsNazmsTagsCollections
Sign in
मीरास

उर्दू और हिन्दी शायरी का जीवंत संग्रह — मुफ़्त, खुला, तीन लिपियों में।

देखें
शायरशेरग़ज़लेंनज़्मेंमिज़ाज और विषयटॉप 20संग्रह
परिचय
मीरास के बारे मेंशब्दकोश
क़ानूनी
संपर्कगोपनीयता नीतिउपयोग की शर्तेंकुकी सेटिंग्स
© 2026 मीरास · एक खुला संग्रह
खोज

शाइर

सभीशास्त्रीयआधुनिकप्रगतिशीलसमकालीन
ज

जिगर मुरादाबादी

Modern · 1890–1960

रूमानी ग़ज़ल के उस्ताद, जिनकी मुशायरों की अदायगी ने उन्हें जीवनकाल में ही दंतकथा बना दिया।

और पढ़ें
फ

फ़िराक़ गोरखपुरी

Modern · 1896–1982

इलाहाबाद के प्रोफ़ेसर-शायर, जिन्होंने उर्दू ग़ज़ल को अपनी अलग, हिंदुस्तानी और ऐंद्रिक रंगत दी।

और पढ़ें
अ

अल्ताफ़ हुसैन हाली

Modern · 1837–1914

सुधारक शायर और आलोचक, ग़ालिब के शागिर्द, जिनकी "मुसद्दस" ने उर्दू शायरी को समाजी मक़सद की ओर मोड़ा।

और पढ़ें
न

नून मीम राशिद

Modern · 1910–1975

उर्दू आज़ाद नज़्म के अग्रदूत, जिनकी कठिन, ऐंद्रिक आधुनिकता ने शायरी की ज़बान नई कर दी।

और पढ़ें
म

मुनीर नियाज़ी

Modern · 1928–2006

अजीब धुंधलकों और देर से आए पछतावों के शायर — "हमेशा देर कर देता हूँ मैं" — उर्दू और पंजाबी दोनों में।

और पढ़ें
क

क़तील शिफ़ाई

Modern · 1919–2001

हरिपुर के बेहद उपजाऊ रूमानी शायर, जिनकी गाई जा सकने वाली ग़ज़लें फ़िल्मों और गुलूकारों के ज़रिए दुनिया भर पहुँचीं।

और पढ़ें
अ

अकबर इलाहाबादी

Modern · 1846–1921

उर्दू के महान व्यंग्यकार, जिन्होंने औपनिवेशिक आधुनिकता और बदलते समाज पर हास्य-व्यंग्य किया।

और पढ़ें
ह

हसरत मोहानी

Modern · 1875–1951

"इंक़लाब ज़िंदाबाद" के रचयिता, जिन्होंने स्वतंत्रता-सेनानी की आग को कोमलतम ग़ज़ल से जोड़ा।

और पढ़ें
फ

फ़ानी बदायूनी

Modern · 1879–1941

ग़म के शायर, जिनकी ग़ज़लें पीड़ा को ही एक प्रकार का संगीत बना देती हैं।

और पढ़ें
र

रियाज़ ख़ैराबादी

Modern · 1853–1934

"मयख़ाने के शायर": ख़ुमरियात की ग़ज़ल के उस्ताद, जिन्होंने ख़ुद कभी मय को हाथ नहीं लगाया।

और पढ़ें
य

यगाना चंगेज़ी

Modern · 1884–1956

लखनऊ के तीखे मूर्तिभंजक, जिन्होंने अपनी आवाज़ को ग़ालिब की छाया के सामने खड़ा किया।

और पढ़ें
स

सीमाब अकबराबादी

Modern · 1880–1951

आगरा के विपुल शायर और उस्ताद, जिन्होंने शास्त्रीय शिल्प को आधुनिक युग तक पहुँचाया।

और पढ़ें
अ

असग़र गोंडवी

Modern · 1884–1936

गोंडा के सूफ़ी शायर, जिन्होंने ग़ज़ल को रहस्यमय प्रेम का पात्र बनाया।

और पढ़ें
न

नज़्म तबातबाई

Modern · 1852–1933

लखनऊ में जन्मे हैदराबाद के आलिम-शायर, ग़ालिब की शरह और सुथरी क्लासिकी ग़ज़ल के लिए मशहूर।

और पढ़ें
ब

बृज नारायण चकबस्त

Modern · 1882–1926

उर्दू के कश्मीरी-हिन्दू उस्ताद, जिनकी देशभक्ति की नज़्मों ने एक पीढ़ी को जगाया।

और पढ़ें