ये नहीं आसाँ इतना ही समझ लीजे
इक का दरिया है और डूब के जाना है
पृष्ठभूमि
शायर के बारे में
रूमानी ग़ज़ल के उस्ताद, जिनकी मुशायरों की अदायगी ने उन्हें जीवनकाल में ही दंतकथा बना दिया।
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ये इश्क़ ये जुनून ये होश ये ख़िरद
सब तेरी राह के ग़ुबार हैं मेरे ख़ुदा
असग़र जिगर के गुरु थे — और श्वसुर भी।