गुल-ए-तर भेजना मुझ को कि तेरी याद रहे
इस चमन में मेरी बुलबुल की भी फ़रियाद रहे
पृष्ठभूमि
शायर के बारे में
गोंडा के सूफ़ी शायर, जिन्होंने ग़ज़ल को रहस्यमय प्रेम का पात्र बनाया।
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