ख़ुदी का नशा चढ़ा आप में रहा न गया
ख़ुदा बना था यगाना मगर बना न गया
पृष्ठभूमि
शायर के बारे में
लखनऊ के तीखे मूर्तिभंजक, जिन्होंने अपनी आवाज़ को ग़ालिब की छाया के सामने खड़ा किया।
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