दर्द-ए-दिल पास-ए-वफ़ा शौक़-ए-फ़ना कुछ न रहा
जो तेरा था मिरे दिल में वो आज कुछ न रहा
पृष्ठभूमि
शायर के बारे में
आगरा के विपुल शायर और उस्ताद, जिन्होंने शास्त्रीय शिल्प को आधुनिक युग तक पहुँचाया।
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