नाउमीदी-ए-दिल में भी कोई आस तो रखना
इस शब के मुक़द्दर में सहर भी तो लिखी है
पृष्ठभूमि
शायर के बारे में
आगरा के विपुल शायर और उस्ताद, जिन्होंने शास्त्रीय शिल्प को आधुनिक युग तक पहुँचाया।
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