जुदाई की शामें कटें तो कैसे कटें
तेरे बग़ैर तो दिन भी अँधेरी रात लगे
पृष्ठभूमि
शायर के बारे में
यौवन और तड़प के रूमानी शायर, जिन्होंने सलमा और एक आदर्श महबूबा का गान किया।
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