जो रिश्ता है दिल जाँ का है सर ब सर झूटा
सो में तो अब दिल व जाँ में दराड़ डालों गा
पृष्ठभूमि
शायर के बारे में
अमरोहा और कराची के बाग़ी शायर, अपनी मायूस शोख़ी और गुफ़्तगू-जैसी ग़ज़लों के लिए महबूब।
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