Meeras
Poets
Sher
Ghazals
Nazms
Tags
Collections
अ
A
ا
Sign in
ज़ोया मशरिक़ी — Meeras
शाइर
·
ज़ोया मशरिक़ी
·
शे'र
हर शाम यहाँ ढलती है तो वहाँ सुबह होती है
मैं दोनों के बीच कहीं गुम सी रह जाती हूँ
ज़ोया मशरिक़ी