असी इक़बाल की में जुस्तुजू करता रहा बरसों
बड़ी मुद्दत के बाद आख़िर वो शाहीं दाम आया
पृष्ठभूमि
शायर के बारे में
कवि-दार्शनिक, जिनकी उर्दू और फ़ारसी शायरी ने आध्यात्म को आत्म-बोध की दृष्टि से जोड़ा।
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