हम ज्वानों को न छोड़ा उस से सब पकड़े गए
ये दो साला दुख़्तर रज़ किस क़दर शताह है
पृष्ठभूमि
शायर के बारे में
अठारहवीं सदी के अग्रणी उर्दू शायर, जिन्हें "ख़ुदा-ए-सुख़न" कहा जाता है।
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