अविस्मरणीय शेरों का एक संग्रह जो आपके साथ रहे।
मीरास के लिए लिखा समकालीन कलाम — शहर, निर्वासन, स्क्रीन की रात।
आधुनिक उस्तादों से पहली मुलाक़ात — अकबर, जिगर, हसरत, फ़ानी।
जहाँ रूमान क्रांति से मिलता है — मजाज़ और अख़्तर शीरानी।